Farmaish

फ़रमाइश

एल्बम वर्ग: हिन्दी, फ़िल्म
वर्ष: १९५३
संगीतकार: हुस्नलाल - भगतराम
गीतकार: क़मर जलालाबादी, खावर ज़मान
लेबल: सारेगामा
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
एल्बम क्रेडिट: MUSIC ASSISTANT: Krishan Chandar.
 
फ़िल्म क्रेडिट: निर्देशक: बी.के. सागर. निर्माता: जे. ओम प्रकाश. अभिनेता: भरत भूषण, विजयलक्ष्मी, प्राण, कुलदीप, मारुती, चंद्रशेखर, अमीर बानो, आर.के. सामा, कम्मो, खैराती, गोप. प्रोडक्शन कं.: मैजेस्टिक फ़िल्म्स. ,
 



गाने


 
खुशियों के ज़माने आए
गायक: मोहम्मद रफ़ी, मीना मंगेशकर
संगीतकार: हुस्नलाल - भगतराम
गीतकार: खावर ज़मान
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
तेरा मेरा हो गया प्रेम
गायक: शमशाद बेगम, मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: हुस्नलाल - भगतराम
गीतकार: क़मर जलालाबादी
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
तेरी गली में आयेंगे रोज़ नहीं कभी कभी
गायक: लता मंगेशकर
संगीतकार: हुस्नलाल - भगतराम
गीतकार: क़मर जलालाबादी
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
मेरी अँखियाँ हो गईं चार
 
गायक: शमशाद बेगम
संगीतकार: हुस्नलाल - भगतराम
गीतकार: क़मर जलालाबादी
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
दिल में हमारे आग लगाकर चले
गायक: लता मंगेशकर
संगीतकार: हुस्नलाल - भगतराम
गीतकार: क़मर जलालाबादी
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
झुकती हुई नज़र का अदा नाम रख दिया (कभी हँसते हैं दो दिल)
 
गायक: लता मंगेशकर, शमशाद बेगम
संगीतकार: हुस्नलाल - भगतराम
गीतकार: क़मर जलालाबादी
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
मोहब्बत की हम चोट खाए हुए हैं
गायक: तलत महमूद
संगीतकार: हुस्नलाल - भगतराम
गीतकार: क़मर जलालाबादी
शैली: फ़िल्मी, सुगम
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
तुम दिल को तोड़ दोगे
गायक: लता मंगेशकर
संगीतकार: हुस्नलाल - भगतराम
गीतकार: क़मर जलालाबादी
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
आप ने छीन लिया दिल
गायक: मोहम्मद रफ़ी, मीना मंगेशकर
संगीतकार: हुस्नलाल - भगतराम
गीतकार: क़मर जलालाबादी
शैली: फ़िल्मी, सुगम
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
मोहे आता नहीं है चैन
 
गायक: सुलोचना कदम
संगीतकार: हुस्नलाल - भगतराम
गीतकार: खावर ज़मान
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 

पुरस्कार


 
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सामान्य ज्ञान


 

    एल्बम

  • यह फ़िल्म जे. ओम प्रकाश की निर्माता के रूप में पहली फ़िल्म थी. यह उनके द्वारा निर्मित फ़िल्मों में एकमात्र फ़िल्म थी जिसकी टाइटल की शुरुआत "अ" या "आ" से नहीं हुई थी.



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