Solva Saal

सोलवा साल

एल्बम वर्ग: हिन्दी, फ़िल्म
वर्ष: १९५८
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
लेबल: सारेगामा
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
एल्बम क्रेडिट: MUSIC ASSISTANT: R.D. Burman.
 
फ़िल्म क्रेडिट: निर्देशक: राज खोसला. निर्माता: चन्द्रकान्त सी. देसाई. पटकथा: राज खोसला, ओमकार साहेब. संवाद: भप्पी सोनी. अभिनेता: देव आनंद, अधिक...
 



गाने


 
ये भी कोई रूठने का मौसम है
गायक: आशा भोसले
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
है अपना दिल तो आवारा (हर्ष)
गायक: हेमंत कुमार
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
शैली: फ़िल्मी, क्लासिक पॉप
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
यही तो है वो देखिये
गायक: मोहम्मद रफ़ी
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
शैली: फ़िल्मी, हिन्दी लोक
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
देखो मोहे लगा सोलवा साल
गायक: आशा भोसले, मोहम्मद रफ़ी, सुधा मल्होत्रा
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
शैली: फ़िल्मी, मराठी लोक
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
नज़र की कटारी ये कैसी चली
गायक: आशा भोसले
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
है अपना दिल तो आवारा (विषाद)
गायक: हेमंत कुमार
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
शैली: फ़िल्मी, क्लासिक पॉप
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 

पुरस्कार


 
  • पुरस्कारों की जानकारी उपलब्ध नहीं है

सामान्य ज्ञान


 

    एल्बम

  • यह फ़िल्म क्लार्क गेबल की अमरीकी रोमांटिक कॉमडी "इट हैपन्ड वन नाइट" (१९३४) पर आधारित थी. कुछ अन्य हिन्दी फ़िल्में भी इसी हॉलीवुड फ़िल्म पर आधारित थीं - "नादान" (१९५१), "चोरी चोरी" (१९५६), "नौ दो ग्यारह" (१९५७), "बसंत" (१९६०) और "दिल है के मानता नहीं" (१९९१). इस फ़िल्म से मिलती जुलती कहानी का कुछ अन्य भारतीय फ़िल्मों में भी इस्तमाल किया गया था - तमिल में "चंद्रोदयम" (१९६६) और "कादल रोजावे" (२०००) और कन्नड़ में "हुड़ुगाटा" (२००७).[1][2][3][4][5]

    गीत

  • है अपना दिल तो आवारा (हर्ष) - The harmonica in this song was played by R.D. Burman who was also assisting Dada Burman for the film's music.



सन्दर्भ


 

प्रतिक्रिया