Shikari

शिकारी

एल्बम वर्ग: हिन्दी, फ़िल्म
वर्ष: १९४६
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: गोपाल सिंह नेपाली
लेबल: सारेगामा
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
फ़िल्म क्रेडिट: निर्देशक: सावक वाचा. लेखक: सादत हसन मंटो. अभिनेता: अशोक कुमार, वीरा, पारो, रमा शुकुल, एस.एल. पुरी, लीला मिश्रा, किशोर कुमार, वी.एच. देसाई, सैमसन. प्रोडक्शन कं.: फ़िल्मिस्तान. ,
 



गाने


 
डोल रही है नैया मेरी - युगल
गायक: अशोक कुमार, पारो
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
शैली: फ़िल्मी, बंगाली लोक
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
डोल रही है नैया मेरी - पुरुष
गायक: अशोक कुमार
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
शैली: फ़िल्मी, बंगाली लोक
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
रंगीला रंगीला रंगीला रे जवानी में सता के
गायक: पारो, किशोर कुमार, अरुण कुमार
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
शैली: फ़िल्मी, हिन्दी लोक
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
छुपो छुपो ओ मरने से डरने वालो
गायक: पारो
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
कुछ रंग बदल रही है
गायक: शमशाद बेगम
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
हर दिन है नया
गायक: अमीरबाई कर्नाटकी, अशोक कुमार
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: गोपाल सिंह नेपाली
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
दुनिया ने हमें दो दिन रहने न दिया मिलके
गायक: अमीरबाई कर्नाटकी
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: गोपाल सिंह नेपाली
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
जब घर में लगी आग - I
गायक: पारो
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: गोपाल सिंह नेपाली
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
जब घर में लगी आग - II
 
गायक: पारो
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
गीतकार: गोपाल सिंह नेपाली
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
तेरे बिना सूनी सूनी हैं फुलवारी
 
गायक: पारो
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
जगमग है आसमान
 
गायक: अशोक कुमार
संगीतकार: एस.डी. बर्मन
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 

पुरस्कार


 
  • पुरस्कारों की जानकारी उपलब्ध नहीं है

सामान्य ज्ञान


 

    एल्बम

  • यह संगीतकार एस.डी. बर्मन की पहली हिन्दी फ़िल्म थी.[MR6]

    गीत

  • डोल रही है नैया मेरी - पुरुष - यह गीत क़ाज़ी नज़रुल इस्लाम द्वारा रचित और एस.डी. बर्मन द्वारा गाई गई बंगाली गीत "चोख गेलो" पर आधारित थी.[1]
  • रंगीला रंगीला रंगीला रे जवानी में सता के - यह गीत पल्ली कबी द्वारा रचित और एस.डी. बर्मन द्वारा गाई गीत "रोंगिला रोंगिला रोंगिला रे" पर आधारित थी. एस.डी. बर्मन ने इसी धुन को फिर से "आन मिलो श्याम साँवरे" ("देवदास", १९५५) में इस्तमाल किया था. उनके बेटे आर.डी. बर्मन ने भी "कुछ ना कहो" ("१९४२ - अ लव स्टोरी", १९९४) की शुरुआत की बाँसुरी में इस धुन का इस्तमाल किया था.[2][3][4][MR21]



सन्दर्भ


 

प्रतिक्रिया